SSC कोचिंग में संस्थानों की मुश्किलें
SSC की परीक्षाएँ कंप्यूटर आधारित हैं, इसलिए छात्रों को असली CBT जैसा अभ्यास चाहिए — कागज़ के टेस्ट से अब काम नहीं चलता। मैथ्स, रीज़निंग, इंग्लिश और GK — चारों सेक्शन के लिए हर हफ्ते संतुलित प्रश्नपत्र तैयार करना फैकल्टी के लिए थका देने वाला काम है। हिंदी माध्यम के छात्रों की बड़ी संख्या के बावजूद अच्छे द्विभाषी टेस्ट प्लेटफॉर्म कम हैं। और जब बैच में सैकड़ों छात्र हों, तो यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि किसकी स्पीड कम है और कौन किस टॉपिक में अटक रहा है।
SikGen AI कैसे मदद करता है
अपनी स्टडी मटेरियल और प्रैक्टिस सेट्स की PDF अपलोड कीजिए — AI उनसे अपने आप प्रश्न बनाता है और आपका क्वेश्चन बैंक हफ्तों की बजाय घंटों में तैयार हो जाता है। मॉक टेस्ट हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में, प्रॉक्टरिंग के साथ, असली परीक्षा जैसे इंटरफेस में होते हैं। छात्रों के डाउट्स का जवाब AI ट्यूटर आपकी ही सामग्री से, स्रोत के हवाले के साथ देता है — क्लास के बाहर भी आपकी पढ़ाई का तरीका ही चलता है। टेस्ट के बाद हर छात्र का टॉपिक-वार विश्लेषण अपने आप बनता है, जिससे फैकल्टी कमज़ोर छात्रों पर समय रहते ध्यान दे पाती है।
आपके नाम का ऐप — पायलट से शुरुआत
छात्रों को मिलने वाला ऐप पूरी तरह आपके संस्थान के नाम, लोगो और रंगों में होता है, जिससे आपकी अपनी ब्रांड पहचान बनती है। सर्वर, अपडेट और तकनीकी रखरखाव — सब SikGen AI संभालता है; आपको सिर्फ पढ़ाने पर ध्यान देना है। फ्री डेमो में हम आपकी अपनी सामग्री पर पूरा सिस्टम चलाकर दिखाते हैं। पसंद आए तो एक बैच के साथ पायलट शुरू कीजिए और नतीजे देखकर आगे बढ़िए।
क्या SSC CGL और CHSL दोनों के टेस्ट बन सकते हैं?
हाँ। क्वेश्चन बैंक आपकी अपनी सामग्री से बनता है, इसलिए CGL, CHSL, MTS, GD — जिस भी परीक्षा की आप कोचिंग देते हैं, उसके पैटर्न के अनुसार टेस्ट तैयार कर सकते हैं। सेक्शन, समय-सीमा और अंक योजना आप खुद तय करते हैं।
क्या टेस्ट हिंदी में भी होंगे?
हाँ, टेस्ट हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में दिए जा सकते हैं। छात्र परीक्षा के दौरान अपनी सुविधा के माध्यम में प्रश्न देख सकते हैं, जैसा असली SSC परीक्षा में होता है।
प्रॉक्टरिंग कैसे काम करती है?
ऑनलाइन टेस्ट प्रॉक्टरिंग निगरानी के साथ होते हैं, जिससे घर से परीक्षा देने पर भी नकल की गुंजाइश नहीं रहती। इससे आपकी टेस्ट सीरीज़ की रैंकिंग और स्कोर भरोसेमंद बने रहते हैं।
छोटे संस्थान के लिए खर्च कितना होगा?
प्लान छात्रों की संख्या के हिसाब से तय होते हैं, इसलिए छोटे संस्थान छोटे स्तर से शुरू कर सकते हैं। फ्री डेमो के दौरान अपनी ज़रूरत के अनुसार सटीक कीमत जान सकते हैं — अपना ऐप बनवाने की तुलना में यह बहुत किफायती है।